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अगस्त 31, 2008काफी उपयोगी साबित हो रही है छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना
मई 13, 2008महिला स्व-सहायता समूहों को साढ़े छह प्रतिशत ब्याज पर मिल रहा है ऋण
रायपुर, 12 मई 2008 – महिला सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना प्रदेश में काफी उपयोगी साबित हो रही है। महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से स्वयं के पैरों पर खड़े होने के लिए मदद करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को सिर्फ साढ़े छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना का संचालन राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब तक दस हजार महिला समूहों को साढ़े आठ करोड़ रूपए का ऋण दिया जा चुका है।
विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत केवल ‘ए’ श्रेणी के ऐसे समूहों को ऋण की पात्रता होगी, जिन्हें गठित हुए एक वर्ष की अवधि पूर्ण हो चुकी है। महिला समूहों को उनकी बचत राशि के न्यूनतम चार गुना से लेकर दस गुना तक अथवा अधिकतम दस हजार रूपए का ऋण पांच सौ रूपए के गुणांक में पहली बार देने का प्रावधान किया गया है। निर्धारित समय-सीमा में ऋण वापस करने वाले स्व-सहायता समूहों को उनकी जरूरतों के हिसाब से दस हजार रूपए से बीस हजार रूपए तक ऋण दोबारा मिल सकता है। समाज सेवी संगठनों को इस कोष से साढ़े पांच प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से ऋण देने का प्रावधान है। ये संगठन अपने स्व-सहायता समूहों को साढ़े छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण दे सकते हैं। समूह द्वारा समय-सीमा में शत-प्रतिशत ऋण वापसी के एक महीने बाद वह दोबारा ऋण लेने के लिए आवेदन कर सकता है। ऋण स्वीकृति के समय संबंधित समूह की सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता को ध्यान में रखा जाएगा। इसके अलावा गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों की महिलाओं, निराश्रित विधवा, परित्यक्ता और सुखद सहारा योजना की महिला हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत प्राप्त ऋण में से पांच हजार रूपए तक की वापसी छह समान किश्तों में नौ महीने के भीतर और दस हजार रूपए से बीस हजार रूपए तक ऋण की वापसी बारह समान किश्तों में पन्द्रह महीने के भीतर करने का प्रावधान है। स्व-सहायता समूह इस ऋण का उपयोग सामूहिक रूप से अथवा अपने सदस्यों को आठ प्रतिशत के वार्षिक साधारण ब्याज पर व्यक्तिगत ऋण देने के लिए भी कर सकते हैं। समूह के स्तर पर ऋण वितरण के लिए वे अपनी शर्तें सामूहिक निर्णय के आधार पर निर्धारित कर सकते हैं, जो उनके सदस्यों की मांग, जरूरत, पात्रता और समूह के पास राशि की उपलब्धता पर निर्भर होगी। छत्तीसगढ़ महिला कोष से स्व-सहायता समूहों को आम तौर पर उनके उत्पादक कार्यों के लिए ही ऋण दिया जा रहा है। विशेष परिस्थितियों में वे अपने सदस्यों को उपभोक्ता ऋण भी दे सकते हैं, लेकिन यह कुल दी गयी ऋण राशि का पच्चीस प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। योजना के तहत उन समाज सेवी संस्थाओं को छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण लेने की पात्रता होगी, जिनके पंजीयन को फर्म्स और सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत तीन वर्ष पूर्ण हो चुके हो। ऐसे स्वैच्छिक संगठनों को कम से कम पच्चीस नवीन महिला स्व-सहायता समूहों के गठन और सशक्तिकरण का अनुभव होना जरूरी होगा।
छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण प्राप्त करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारियों, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों, एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सम्पर्क किया जा सकता है।